Railway PSU की दो सरकारी कंपनियां को हाल ही में नए बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं, जिनसे इनकी ऑर्डर बुक और राजस्व की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं।
RailTel को नया OFC नेटवर्क प्रोजेक्ट
RailTel Corporation of India को 6 मार्च 2026 को South East Central Railway से ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क से जुड़ा नया प्रोजेक्ट मिला है, जिसकी वैल्यू लगभग 26.72 करोड़ रुपये है और इसे 5 मार्च 2027 तक पूरा करना है। इससे पहले फरवरी 2026 में कंपनी ने West Central Railway से लगभग 455 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर जीता था, जो सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेड से जुड़ा है।
जनवरी 2026 में भी RailTel को Modern Coach Factory, रायबरेली से करीब 94.23 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था, जिसमें LHB कोचों में IP आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम की सप्लाई और इंस्टॉलेशन शामिल है। RailTel ने हाल के महीनों में डिफेंस मंत्रालय और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से भी कई प्रोजेक्ट हासिल किए हैं, जिससे कंपनी का ऑर्डर बुक साइज जनवरी 2026 तक 400–450 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए काम से मजबूत हुआ है।
RITES को West Bengal सरकार से नया ब्रिज कंसल्टेंसी काम
RITES Limited को मार्च 2026 में West Bengal सरकार के Public Works (Roads) Directorate से एक बड़ा कंसल्टेंसी वर्क ऑर्डर मिला है, जिसकी वैल्यू लगभग 45.19 करोड़ रुपये (GST को छोड़कर) है। यह प्रोजेक्ट South 24 Parganas जिले में मूरीगंगा नदी पर बनने वाले 4-लेन extra dosed ब्रिज के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी सेवाएं देने से जुड़ा है, जो सागर द्वीप के कचुबेरिया को काकद्वीप से जोड़ेगा।
इस कॉन्ट्रैक्ट की अवधि 48 महीने रखी गई है, यानी अगले चार साल तक यह प्रोजेक्ट RITES के रेवेन्यू और ऑर्डर बुक को सपोर्ट करेगा। इसके अलावा कंपनी को रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे प्रोजेक्ट्स में भी South Western Railway से 700 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाले प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिला है, जिससे इसकी टेक्निकल क्षमता नजर आती है।
बैक टू बैक ऑर्डर से शेयरों पर असर
RailTel और RITES दोनों ही सरकारी रेलवे PSU हैं और इनके पास पहले से ही हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की ऑर्डर बुक चल रही है, जिस पर ये नए कॉन्ट्रैक्ट्स और जुड़ गए हैं। हाल के ऑर्डर wins के बाद बाजार में RailTel के शेयर में कई बार 3–5 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई है, जबकि RITES के शेयर भी नए प्रोजेक्ट्स की घोषणाओं के बाद निवेशकों के रडार पर आ जाते हैं।
स्मार्ट सिटी नेटवर्क, रेलवे सिग्नलिंग, वीडियो सर्विलांस, ब्रिज कंस्ट्रक्शन और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे क्षेत्रों में लगातार मिल रहे प्रोजेक्ट दिखाते हैं कि सरकार रेलवे और कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च बढ़ा रही है। इससे इन कंपनियों के लिए आने वाले सालों में रेवेन्यू विजिबिलिटी बेहतर रहने की उम्मीद बनती है और यही वजह है कि बैक टू बैक ऑर्डर के बाद इनके शेयर फोकस में आते हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।