बाजार बंद होने के तुरंत बाद YES Bank ने विनय मुरलीधर टोंसे को बैंक का नया MD और CEO-डिज़िग्नेट नियुक्त करने की घोषणा की है, जिसकी वजह से सोमवार के सत्र में शेयर पर जोरदार हलचल देखने को मिल सकती है। यह नियुक्ति रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मंजूरी के बाद हुई है, जो बैंक की लीडरशिप और बिजनेस स्ट्रैटेजी के लिए अहम कदम मानी जा रही है।
विनय टोंसे कौन हैं और कब से संभालेंगे जिम्मेदारी
YES Bank के बोर्ड ने विनय मुरलीधर टोंसे को MD और CEO-डिज़िग्नेट के रूप में 12 मार्च 2026 से 5 अप्रैल 2026 तक के लिए नियुक्त किया है, ताकि वे ट्रांज़िशन पीरियड में बैंक के बिजनेस और ऑपरेशन से खुद को अच्छी तरह परिचित कर सकें। इसके बाद 6 अप्रैल 2026 से वे औपचारिक रूप से YES Bank के MD और CEO का कार्यभार संभालेंगे और मौजूदा MD और CEO प्रशांत कुमार 5 अप्रैल 2026 को अपना कार्यकाल पूरा कर पद छोड़ देंगे।
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RBI की मंजूरी और टोंसे का बैंकिंग अनुभव
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने विनय टोंसे की नियुक्ति को MD और CEO के रूप में तीन साल की अवधि के लिए मंजूरी दी है, जो उनकी प्रोफेशनल विश्वसनीयता और बैंक के प्रति नियामकीय भरोसे को दिखाती है। विनय टोंसे इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नवंबर 2023 से नवंबर 2025 तक रिटेल बिजनेस और ऑपरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं और SBI म्यूचुअल फंड के MD और CEO भी रहे हैं, जो देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है।
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बैंक के ताज़ा नतीजे और वित्तीय स्थिति
Q1 FY 2025-26 में YES Bank ने लगभग 9,429 करोड़ रुपये की रेवन्यू दर्ज की है, जो सालाना आधार पर करीब 4.8 प्रतिशत की बढ़त दिखाती है। इसी तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट करीब 809 करोड़ रुपये रहा, जिसमें साल-दर-साल करीब 56–57 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली और नेट प्रॉफिट मार्जिन लगभग 8.6 प्रतिशत के आसपास रहा, जो बैंक की कमाई में सुधार का संकेत देता है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न और बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी
दिसंबर 2025 तक उपलब्ध डेटा के अनुसार YES Bank में प्रमोटर हिस्सेदारी शून्य है और पूरा शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर नॉन-प्रमोटर कैटेगरी में आता है। संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी लगभग 66–67 प्रतिशत के आसपास है, जबकि रिटेल और अन्य नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत बनी हुई है; इसमें से विदेशी निवेशक लगभग 45–46 प्रतिशत और घरेलू संस्थागत निवेशक लगभग 21 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं, जो यह दिखाता है कि बैंक में बड़े संस्थागत खिलाड़ियों की पकड़ मजबूत है।
सोमवार को स्टॉक में हलचल की संभावनाएं
नए MD और CEO की घोषणा आम तौर पर मार्केट में सेंटिमेंट बदलने वाला इवेंट मानी जाती है, खासकर तब जब नियुक्ति किसी बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक से अनुभवी कैंडिडेट की हो। विनय टोंसे के SBI बैकग्राउंड, RBI की मंजूरी, हाल के तिमाही नतीजों में बेहतर प्रॉफिट ग्रोथ और ऊंची संस्थागत हिस्सेदारी को देखते हुए निवेशक सोमवार के सत्र में YES Bank के शेयर पर कड़ी नजर रख सकते हैं, जिसकी वजह से वॉल्यूम और प्राइस दोनों में उल्लेखनीय मूवमेंट देखने को मिल सकता है
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।